नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में प्रधानाचार्य के पदों पर चल रही पदोन्नति की प्रक्रिया पर रोक लगा दी। यह रोक अगले आदेश तक रहेगी।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने यह आदेश हेमंत कुमार एवं अन्य द्वारा दायर की गयी याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा इन दिनों प्रधानाचार्य के पदों को भरने के लिए पदोन्नति प्रक्रिया चलायी जा रही है। इस प्रक्रिया में नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि जो अध्यापक एलटी ग्रेड से लेक्चरर के पद पर पदोन्नति पा चुके हैं। विभाग द्वारा उनको एलटी ग्रेड का अध्यापक माना जा रहा है और उन्हें भी प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति के उपयुक्त माना जा रहा है। यह नियम के विरूद्ध है। सरकार उन्हें एलटी ग्रेड के 55 प्रतिशत कोटे का लाभ दे रही है जो गलत है।